Kalka Shimla Toy Train का इतिहास - Route - Station - पूरी जानकारी

Lalit Sharma
0

 

Kalka Shimla Toy Train का इतिहास - Route - Station - पूरी जानकारी 

Kalka Shimla Toy Train का इतिहास - Route - Station - पूरी जानकारी  - शिमला हिमाचल प्रदेश में बसा एक खूबसूरत सा शहर है, जहां हर साल लाखों पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। लेकिन यहां भारतीय रेल की कोई नॉर्मल ट्रेन नहीं पहुंचती है, बल्कि यहां आपको यदि ट्रेन से पहुंचना है, तो आपको यहां खूबसूरत कालका से शिमला तक चलने वाली टॉय ट्रेन में सफर करके आना पड़ेगा।

Kalaka Shimla Toy Train का इतिहास - Route - Station - पूरी जानकारी

Kalka Shimla हेरिटेज ट्रेन हमारे देश की शुरुआती पर्वतीय रेल में से एक थी, जो शुरू से ही पर्यटकों को काफी आकर्षित करती है। कालका से शिमला का यह खूबसूरत सफर कई सारी पहाड़ियों, गुफाओं और पुलो से होता हुआ जाता है। इस ट्रेन की शुरुआत सन 1903 में की गई थी।

 Kalka Shimla Toy Train का इतिहास 

Toy Train का इतिहास अनोखा है, जिसमें इस ट्रेन की शुरुआत ब्रिटिश शासन काल की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला को कालका से छोड़ने के लिए किया गया था। इस टॉय ट्रेन के निर्माण की शुरुआत वर्ष 1896 में हुआ था। इसे सन् 1903 में पूरा किया गया था और इसी वर्ष टॉय ट्रेन की शुरुआत कर दी गई थी। इस टॉय ट्रेन का निर्माण हर्बर्ट सेप्टिम्स हेरिंगटन के निर्देशन में किया गया था। 
इस ट्रेन का शुभारंभ उस वक्त के गवर्नर जनरल लॉर्ड कर्जन द्वारा किया गया था।

इसमें जिन शुरुआती इंजन का उपयोग किया गया था, उनका निर्माण शार्प स्टीवर्ट एंड कंपनी द्वारा किया गया था। जबकि बाद में जब बड़े इंजनों को यहां चलाया गया था, तब उनका निर्माण ट्रांसलेट इंजन कंपनी द्वारा किया गया था। यहां पर डीजल और डीजल हाइड्रोलिक इंजनों की शुरुआत सन 1955 और सन 1970 में की गई थी।

जब इस रेल ट्रैक पर काम शुरू किया गया, तो एक जगह एक बड़ी पहाड़ी की वजह से आगे रास्ता बनाने में दिक्कत आने लगी, तो उस समय उस कार्य को देखने वाले कर्नल बडोंग बहुत परेशान हो गए और इस कार्य को बीच में ही छोड़ने का फैसला कर लिया और इस वजह से ट्रेक का काम देख रहे कर्नल बड़ोंग ने आत्महत्या कर ली और आज उन्हीं के नाम पर यहां एक स्टेशन है, जिसका नाम बडोंग रखा गया है और साथ ही यहां की सबसे लंबी सुरंग जो 1143 मीटर लंबी है, उसका नाम भी बडोंग सुरंग रखा गया है।

यह भी पढ़े - 

 Kalka Shimla Toy Train का रूट 

Kalka Shimla Toy Train का रूट काफी ही मनमोहक और सुंदर है। उसके पूरे रास्ते में बहुत से मनोरम पहाड़ और सुरंग, पुल, नदी और घुमावदार मोड़ है।

Kalka Shimla Toy Train का रूट हरियाणा के कालका से शुरू होता है, जो की 96 किलोमीटर दूर शिमला स्टेशन तक जाता है। कालका स्टेशन जो के समुद्र कल से 656 मीटर की ऊंचाई पर है, वहां से ट्रेन शिवालिक की पहाड़ियों से होते हुए 2076 मीटर ऊपर शिमला तक जाती है। कालका से शिमला तक के पूरे रूट में कल 103 सुरंगे और 870 पुल बने हुए हैं। शिमला से कालका तक रोजाना 5 गाड़ियां चलती है। कालका से शिमला तक के पूरे रास्ते में ट्रेन की गति 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा की चाल से चलती है।

पूरे रूट में 33 नंबर की बड़ोंग सुरंग इस पूरे रूट की सबसे लंबी सुरंग है, जिसकी लंबाई 1143 मीटर है। इस सुरंग से ट्रेन को निकालने में करीब ढाई मिनट का समय लगता है। कालका – शिमला रेल मार्ग का पूरा रूट नेरो गेज है, जिसकी पटरी की चौड़ाई 2 फीट और 6 इंच है। इस पूरे रास्ते में आपको मनोरम और सुकून देने वाले दृश्य देखने को मिलेंगे।

Kalka Shimla Toy Train का इतिहास - Route - Station - पूरी जानकारी


 Kalka Shimla Toy Train के स्टेशन और ट्रेन 

कालका और शिमला के बीच कल 16 स्टेशन पड़ते हैं और कुल 18 स्टेशन है। इसमें सबसे पहला स्टेशन कालका, दूसरा स्टेशन टकसाल, उसके बाद गुम्मन, कोटी, सनवारा, धर्मपुर, कुमारहट्टी, बडोंग, सोलन, सलोगड़ा, कंडाघाट, कनोह, केथली घाट, शोघी, तारा देवी, जतोग समर हिल और अंतिम स्टेशन शिमला है। यह कुल 96 किलोमीटर लंबा रास्ता है। 

यहां पर कुल पांच ट्रेन चलती है, जिसमें दो नॉर्मल ट्रेन है, जबकि तीन टूरिस्ट ट्रेन है। इसमें शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस, रेल मोर्टार कार और Kalka - Shimla एक्सप्रेस ये तीनो ही टूरिस्ट ट्रेन है, जबकि हिमालय क्वीन और Kalka - Shimla पैसेंजर यह दोनों नॉर्मल ट्रेन है।

 UNESCO विश्व धरोहर 

यूनेस्को की टीम ने Kalka - Shimla रेल मार्ग का दौरा किया था और अंत में 24 जुलाई 2008 को इस ट्रेन मार्ग को विश्व धरोहर में शामिल किया गया। इसी के साथ यह रेल मार्ग हमारे देश की तीसरी यूनेस्को में शामिल हुई रेल मार्ग बन गई। दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे और नीलगिरी माउंटेन रेलवे को भी यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया गया है।

 यह भी पढ़े - 

यदि आपको हमारा यह ब्लॉग पसंद आया, तो नीचे कमेंट करें और साथ ही अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें।

 

 

 

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)